चंडीगढ़: राज्यभर में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब पुलिस ने सेव लाइफ इंडिया के साथ एक समझौता किया है, जिसका उद्देश्य डेटा-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से सड़कों पर सुरक्षा को बढ़ाना है।
यह समझौता आज पंजाब पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा, ए.एस. राय और सेव लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक, पीयूष तिवारी के बीच हुआ।
डीजीपी की ओर से दी गई जानकारी
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि यह समझौता दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण, ब्लैक स्पॉट की पहचान और लक्षित उपायों पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक कर्मचारियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे दुर्घटनाओं के विश्लेषण और प्रभावी सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने में सक्षम हो सकें।
उन्होंने कहा कि प्रमाण-आधारित कदमों के जरिए हम राज्यभर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को घटाने और बहुमूल्य जानें बचाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। उनका कहना था कि इस दृष्टिकोण का उद्देश्य केवल सड़क सुरक्षा को सुधारना नहीं है, बल्कि सड़क पर चलने वाले सभी लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देना है।
पंजाब पुलिस की पेशेवरता पर जोर
एडीजीपी ट्रैफिक, ए.एस. राय ने कहा कि पंजाब पुलिस पेशेवर तरीके से काम करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि राज्य के लोग सड़क पर यात्रा करते वक्त सुरक्षित महसूस कर सकें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने पूरे भारत में बढ़ती दुर्घटनाओं के रुझान को पलटने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा बल (एसएसएफ) के तहत आने वाले क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 48% की गिरावट आई है, जबकि राज्यभर में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों में 5% की कमी देखी गई है। वहीं, इस दौरान भारत के अन्य हिस्सों में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की दर दोगुनी हो गई है।
सड़क सुरक्षा और ट्रॉमा केयर में सेव लाइफ फाउंडेशन का योगदान
सेव लाइफ फाउंडेशन भारत और अन्य देशों में सड़क सुरक्षा और ट्रॉमा केयर से संबंधित मुद्दों का समाधान प्रदान कर रहा है, खासकर गरीब समुदायों में दुर्घटनाओं और चोटों को कम करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए। यह फाउंडेशन सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

