14 फ़रवरी 2025,: महाकुंभ पर गलत सूचना फैलाने वाले 54 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर
उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर 24X7 निगरानी रख रही है। इसी सिलसिले में पुलिस ने अब तक 54 ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं, जो महाकुंभ से जुड़ी झूठी और भ्रामक पोस्ट्स के माध्यम से जनता में अफवाहें फैला रहे थे।
दो प्रमुख भ्रामक वीडियो पोस्ट पर कार्रवाई
13 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान पुलिस ने दो वीडियो को विशेष ध्यान में लिया, जिन्हें महाकुंभ से जोड़कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। इनमें से एक वीडियो में ‘मिस्र के अग्निकांड को महाकुंभ की आग’ बताया गया था। यह वीडियो मिस्र में 2020 में हुई एक तेल पाइपलाइन दुर्घटना का था, जिसे यह कहकर फैलाया गया कि “महाकुंभ बस स्टैंड में आग लग गई, 40-50 गाड़ियां जलकर खाक हो गईं।” इस अफवाह को फैलाने वाले सात सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कोतवाली कुम्भ मेला में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है।
दूसरे वीडियो में बिहार की एक घटना को महाकुंभ से जोड़ा गया था, जिसमें एक फिल्म प्रमोशन इवेंट के दौरान हुई अव्यवस्था को महाकुंभ से जोड़कर यह अफवाह फैलाई गई थी कि “कुम्भ में राष्ट्रवादी लोगों ने आर्मी जवानों पर चप्पलें फेंकी।” इस पोस्ट के लिए 15 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की गई और उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाए गए हैं।
महाकुंभ के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनाई है विशेष रणनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर पेट्रोलिंग की व्यापक रणनीति बनाई है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही भ्रामक पोस्ट्स की त्वरित पहचान कर उनका खंडन किया जा रहा है, और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यूपी पुलिस इस कार्य में सोशल मीडिया विशेषज्ञों की सहायता भी ले रही है।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि महाकुंभ मेले की पवित्रता बनी रहे।

